
“ विद्या ददाति विनयं”
किसी भी व्यक्ति, देश या प्रदेश का विकास शिक्षा से ही संभव होता है। शिक्षा हर मानव की आत्मा होती है, शिक्षा – संस्कार और संस्कृति का प्रतिबिम्ब है। शिक्षा से ही हम राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति एवं उपलब्धता एवं वर्चस्व स्थापित कर सकते हैं।
शिक्षा से ही विद्यार्थियों एवं नागरिकों के समग्र विकास को प्रबलता प्रदान करते हुए देशोत्थान की ओर अग्रसर हो सकते हैं। प्रियजनों मैं एफ.एल.सिंह संचालक गुरूद्रोण विद्यालय, रायगढ़ इन उद्देश्यों की परिपूर्ति हेतु अपने अथक प्रयास से शिक्षा को पूर्ण प्राथमिकता के साथ जन-जन तक पहुँचाने हेतु सन् 1998 से गुरूद्रोण विद्यालय की स्थापना की। तथा देश के भावी पीढ़ी को शिक्षा से जोड़ कर उनके एवं देश, प्रदेश के विकास में सहायक बनने की प्रेरणा का श्रीगणेश किया, मेरे द्वारा किये गये प्रयासों से आज असंख्य परिवारों की जीवन शैली में बदलाव के साथ-साथ खुशियाली और विकास हुआ है। इससे मुझे एवं विद्यालय को गौरवान्वित हो रही है । मेरा समस्त विद्यार्थियों एवं पालकों से विनम्र निवेदन है कि अपनी विकास को विकसिकता की ओर ले चलना है तो शिक्षा को जीवन में महत्वपूर्ण स्थान देना अतिआवश्यक होगा। “प्रिय बच्चों शिक्षा रूपी पेड़ की जड़े कड़वी होती है परन्तु उसके फल बहुत ही मीठे होते हैं।”
समस्त अभिभावकों का विद्यालय के प्रति विश्वासव निष्ठा हेतु सहृदय आभार।
धन्यवाद
F.L Singh
Chairman
Guru Drona School, Raigarh
